मेरी विनती सुनो गणराज

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

धुन-आ लौट के आजा मेरे मीत

मेरी विनती सुनो गणराज ll,

मुझे बस तेरा सहारा है ll

मेरे बिगड़े बना दो काज ll,

मुझे बस तेरा सहारा है,,,

( मेरी विनती सुनो गणराज,

मुझे बस तेरा सहारा है )

मेरी विनती सुनो,,,,,,,

लम्बे सफ़र में, मुश्किल डगर में,

तूने किया है उजाला l

रास्ता दिखाया, चलना सिखाया,

तूने हमेशा संभाला l

सारे जग में है तेरा राज,,, ll,

मुझे बस तेरा सहारा है l

मेरे बिगड़े बना दो काज ll,

मुझे बस तेरा सहारा है,,,

( मेरी विनती सुनो गणराज

मुझे बस तेरा सहारा है )

मेरी विनती सुनो,,,,,,,

दुनियाँ के मेले, पर हम अकेले,

कोई भी संगी ना साथी l

तूँ संग ऐसे, रहता है जैसे,

दीपों में रहती है बाती l

मैं सुर हूँ, तूँ मेरा साज़,,, ll,

मुझे बस तेरा सहारा है l

मेरे बिगड़े बना दो काज ll,

मुझे बस तेरा सहारा है,,,

( मेरी विनती सुनो गणराज,

मुझे बस तेरा सहारा है )

मेरी विनती सुनो,,,,,,,

मेरी ये आशा, हो ना निराशा,

विश्वास टूटे ना मेरा l

वरदान दे के, शुभ ज्ञान दे के,

जीवन में कर दो सवेरा l

मेरे भाग जगा दो आज,,, ll,

मुझे बस तेरा सहारा है l

मेरे बिगड़े बना दो काज ll,

मुझे बस तेरा सहारा है,,,

( मेरी विनती सुनो गणराज

मुझे बस तेरा सहारा है )

मेरी विनती सुनो,,,,,,,

अपना बेगाना, तूने ना जाना,

तूने निभाए हैं नाते l

निर्धन भिखारी, राजा पुजारी,

तुझको सभी लोग भाते l

तूँ सबकी बचाए लाज ll,

मुझे बस तेरा सहारा है l

*मेरे बिगड़े बना दो काज ll,

मुझे बस तेरा सहारा है,,,

( मेरी विनती सुनो गणराज

मुझे बस तेरा सहारा है )

मेरी विनती सुनो,,,,,,,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।