अंजनी दुलारे पवनपुत्र प्यारे

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

राम नाम से लगन लगाऐ,

हृदय में सियाराम बसाये,

होके मगन राम,नाम है उचारे,

गजब कर डारे

मांथे सिया जी के देख सिंदुरवा,

काहे लगाई मां पूछे लंगूरवा,

सारे ही तन पे,सिंदूर है धारे ~

गजब कर डारे

माता सिया का, पता लगाएं,

अभिमानी रावण की लंका जलाऐ

ना जाने कितने, असुरों को मारे

गजब कर डारे

भाई भरत सा, मान है पाए,

अजर अमर वरदान है पाए,

दीप सियाराम,जिनके प्राण प्यारे

गजब कर डारे

अंजनी दुलारे, वो पवन पुत्र प्यारे गजब कर डारे,

गजब कर डारे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।