उठ नित सुबह जप शिव नाम

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

उठ नित सुबह जप शिव नाम

निर्मल मन के साथ चाहे कहो गंगाधर

चाहे कहो शिव शंकर

है भोले नाथ हर दम साथ क्या जाने हो दर्शन फिर कही

उठ नित सुबह जप शिव नाम

भोले की जिस पे होती किरपा उसके दुःख वो देते मिटा

शिव के द्वारे मिलते सहारे पाते नइ जिन्दगी

है भोले नाथ हर दम साथ क्या जाने हो दर्शन तेरे कही

उठ नित सुबह जप शिव नाम

भगती में रंग लो तन मन करलो सफल अपना जीवन

जब भी पुकारो मन से प्रभु को पाओ गे पास वही

है भोले नाथ हर दम साथ क्या जाने हो दर्शन तेरे कही

उठ नित सुबह जप शिव नाम

दुष्टों के आगे ढाल है वो

कालो के महाकाल है वो

जो भी इनकी कर लेता भगती उसका हो कल्याल

है भोले नाथ हर दम साथ क्या जाने हो दर्शन तेरे कही

उठ नित सुबह जप शिव नाम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।