सुन अंजनी के लाला तू है सालासर वाला

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

सुन अंजनी के लाला तू है सालासर वाला

दर्शन को आऊ हर साल मैं

जय हनुमान तुझे कर ने परनाम देखो दर भगत तेरे आये

सुनी सुनी अखियो में खाली खाली झोलियाँ भर के ख़ुशी ले जाए

सुन अंजनी के लाला तू है सालासर वाला

ज्योत बाला की दिन रात जले गी

शनि मंगल को याहा भीड़ लगे गी

भाग्य जगे गे भण्डार भरे गे छाए गे खुशियाँ घर बार में

सुन अंजनी के लाला

टेढ़े मेढे रस्ते पे बोले जैकार बाबा हम तो तेरे दरबार आये

सालासर वाले सब के कष्ट मिटा दे लोग दर्श को तेरे दर आये

सुन अंजनी के लाला तू है सालासर वाला

जाके बाला जी का मैं कीर्तन कराऊ

चूरमा का भोग बाबा तुम को चडाऊ

दरबार आयेगे दर्शन पायेगे

होंगी तो होंगी कठिनईया

बाला बल शाली तुझसे प्रीत लगा ली

तेरे बिना न कोई मुझे भाये

तेरे दर आऊ आके शीश झुकाऊ तो कष्ट मेरे कट जाए

सुन अंजनी के लाला तू है सालासर वाला

आँखों में बाला तेरी मूर्त वसी है

तेरे मंदिर में मुझे मिलती ख़ुशी है

भक्ति करू मैं तेरी बाला जी

छोड़ न देना मजधार में

सुन अंजनी के लाला तू है सालासर वाला

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।