मेरे सोये भाग जगा भी दो शिव डमरू वाले

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मेरे सोये भाग जगा भी दो शिव डमरू वाले

शंकर भोले भाले

मेरी बिगड़ी बात बना भी दो शिव डमरू वाले

शंकर भोले भाले

तुमहे ने कैलाश पति लाखो को तारा

फिर क्यों न आया तुम को ध्यान तुम्हारा

खुशियों के फूल तुमने दुनिया को बांटे

झोली में हमारे क्या ये भर दिए कांटे

अब तो अपने दिन पलटा दो शिव डमरू वाले

शंकर भोले भाले

तेरी तो जटाओ में है गंगा का पानी

पर न हमारी तुमने प्यास बुजाई

रावन को लंका देदी हे महादानी

अपने नसीबो में ये दुनिया पुरानी

कभी इस का भी चमका दो शिव डमरू वाले

शंकर भोले भाले

मेहर का खजाना तेरे पास है विध्याता

उस में से थोडा बहुत मुझको भी दो दाता

कब से रोते है ह्सादो ओ शिव डमरू वाले

शंकर भोले भाले

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।