भजो रे मन, राम नाम सुखदाई

मीरा बाई
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

भजो रे मन, राम नाम सुखदाई।

राम नाम के दो अक्षर में.

सब सुख शान्ति समाई॥

भजो रे मन,

राम नाम सुखदाई।

राम को नाम लेत मुख से,

भवसागर तर जाई।

राम नाम भज ले मन मूर्‌ख,

बनत बनत बन जाई॥

भजो रे मन,

राम नाम सुखदाई।

राम नाम के कारण बन गई.

पागल मीरा बाई।

गणिका गिद्ध अजामिल तारे,

तारे सदन कमाई॥

भजो रे मन,

राम नाम सुखदाई।

झूठे बेरण में शबरी के

भर गई कौन मिठाई।

मीठे समझ के ना प्रभु खाए,

प्रेम की थी वो दिखाई॥

भजो रे मन,

राम नाम सुखदाई।

भजो रे मन, राम नाम सुखदाई।

राम नाम के दो अक्षर में.

सब सुख शान्ति समाई॥

भजो रे मन, राम नाम सुखदाई।

भजो रे मन, राम नाम सुखदाई।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।