॥ पावन पाठ ॥
दही बेचन को राधा चली कन्हियाँ जी को अच्छी लगी
गोरे गोरे मुखड़े पे लाल लाल बिंदिया
गोरे हाथो में मेहँदी रची कन्हियाँ जी को अच्छी लगी
गोरे गोरे मुखड़े पे लाल लाल टिका
पैरो में पायल बजी कन्हियाँ जी को अच्छी लगी