मिलन जमुना पे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कन्हिया बैठाया पहिया हो मिलन यमुना पे आउंगी

मिलन तू कैसे आवे गी खोली पे तेरा बाबुल पावेगा

बाबुल के मैं मुका धर दूंगी मिलन यमुना पे आउंगी

मिलन तू कैसे आवेगी धरा तेरी मैया पावेगी

मैया के मैं पैर दबा दूंगी मिलन यमुना पे आउंगी

मिल्न तू कैसे आवेगी रस्ते में तेरी सखियाँ पावेगी

सखी ने मैं आप मना लुंगी मिलन यमुना पे आउंगी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।