द्रोपति न बांध्यो जेख चार तार म

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

द्रोपति न बांध्यो जेख चार तार म

म्हारी राधा न बांध्यो ओख प्रेम तार म

जात की भीलनी शबरी , दर्शन की प्यासी

दर्शन की प्यासी शबरी दर्शन की प्यासी

बंधी गया राम भाव सत्कार म

म्हारी राधा न बांध्यो ओख प्रेम तार म

दुर्योधन का मेवा तजी , विदुर घर आया

विदुर घर आया श्याम विदुर घर आया

बंधी गया श्याम विधुराणी प्यार म

म्हारी राधा न बांध्यो ओख प्रेम तार म

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।