इना भारत म सबसी बड़ी गौमाता

पारंपरिक
महादेव भजन विविध भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

इना भारत म सबसी बड़ी गौमाता

गौमाता नी होती तो मरी जाता

सिंग प शालकराम पुंछ प परसराम

थारा दातन म बसी रह्या दीनानाथा

गौमाता नी होती तो मरी जाता

पीठ प पुरुषोत्तम जीभन म गंगा जी

गला म गोविंद बस गोबर म लक्ष्मी जी

थारा पांवन म बसी रहा पंडरीनाथा

गौमाता नी होती तो मरी जाता

कम्मर म कमलापति कान म कन्हैया

नाक म नटवर यशोदा को छैया

हो थारा ओहा म बसी रहा शिवनाथा

गौमाता नी होती तो मरी जाता

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।