किस देवता ने आज मेरा दिल चुरा लिया

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॥ पावन पाठ ॥

किस देवता ने आज मेरा दिल चुरा लिया

दुनिया की खबर ना रही, तन को भुला दिया

रहता था पास में सदा लेकिन छिपा हुआ

करके दया दयाल ने पर्दा उठा लिया ।

दुनिया की खबर ना रही, तन को भुला दिया

सूरज न था न चाँद था, बिजली न थी वहाँ

एकदम वो अजब शान का जलवा दिखा दिया

दुनिया की खबर ना रही, तन को भुला दिया

फिर के जो आँख खोल कर ढूँढ़न लगा उसे

गायब था नजर से सोई फिर पास पा लिया

दुनिया की खबर ना रही, तन को भुला दिया

करके कसूर माफ मेरे जनम जनम के

ब्रहमानंद अपने चरण में मुझको लगा लिया

दुनिया की खबर ना रही, तन को भुला दिया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।