मन्ने श्याम से कोई मिला दो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मन्ने श्याम से कोई मिला दो,

बाबा को पता कोई बता दो,

खाटू आले ने जाके मेरे दिल का हाल सुना दो,

मन रात दिना बस श्याम की याद सतावै सै,

मन्ने श्याम नाम बिन और नहीं कुछ भी भावे सै।।

बस इतना जाके कह दयाँ मेरे बाबा श्याम को,

मेरा भी मन ललचावे आउ तेरे धाम को,

के खोट मेरा जो तड़पे नहीं बुलावै सै,

मन्ने श्याम नाम बिन और नहीं कुछ भी भावे सै।।

मैंने बहुत सुनी सै चर्चा खाटू के श्याम की,

मेरे श्याम दरस बिन जिंदगी कुछ भी ना काम की,

मैंने सपने में भी श्याम ही नजर आवे सै,

मन्ने श्याम नाम बिन और नहीं कुछ भी भावे सै।।

खाटू आले का करणा चाहु दीदार मैं,

अब तो पागल ना हो जाओ बाबा के प्यार में,

मत देर करो मेरी हिचकी बढ़ती जावे से,

मन्ने श्याम नाम बिन और नहीं कुछ भी भावे सै।।

मेरी बात पे बाबा ना करता गौर सै,

के गलती हुई बता दे तेरी गिन्नी कौर सै,

कहे भीमसैन अब क्यों ज्यादा तडपावे सै,

मन्ने श्याम नाम बिन और नहीं कुछ भी भावे सै।।

मन्ने श्याम से कोई मिला दो,

बाबा को पता कोई बता दो खाटू आले ने जाके,

मेरे दिल का हाल सुना दो,

मन रात दिना बस श्याम की याद सतावै सै,

मन्ने श्याम नाम बिन और नहीं कुछ भी भावे सै।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।