बाजे अयोध्या में बधाई देखो जन्मे प्रभु राम

पारंपरिक
महादेव भजन राम भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

बाजे अयोध्या में बधाई देखो जी देखो जन्मे प्रभु राम

भाग जागे रे अवध के रे छाई देखो मुखड़े पे सबके मुस्कान

खुशियों की बेला देखो केस आज आई रे

नाच रही झूमे देखो कौशल्या माई रे

करो नज़र उतराई गाओ ऋ गाओ सखियों मंगल गान

बांटो घर घर में मिठाई सब नाचो छेड़ो भाई आज नई तान

भाग जागे रे अवध के रे ....................

ब्रह्मा विष्णु शिव देखो बलिहारी जाते हैं

देव ऋषि सारे फूल बरसाते हैं

नारद ने वीणा है बजाई देखो जी होगा सबका कल्याण

दशरथ फूले ना समाये रहे मोती रे लुटाये अब रोशन होगा नाम

भाग जागे रे अवध के रे ....................

राम जी के रुप में नारायण जी ही आये हैं

धरम की रक्षा का प्राण लेके आये हैं

असुरों का नाश करने आये हैं बचाने साधु संतो का मान

अपनी ललना पे बलिहारी जाए करते सब प्रभु पे ही अभिमान

भाग जागे रे अवध के रे ......................

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।