जीवन की डोर तुमसे बांधी है मेरे साई

पारंपरिक
अन्य भजन साईं भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

जीवन की डोर तुमसे बांधी है मेरे साई

दर्शन की भीख देदो नैना है वनवारे

जीवन की डोर तुमसे बांधी है मेरे साई

तेरी ही याद में हम दिन रात जल रहे है,

जग की है आस टूटी गिर गिर के चल है

अब तो मुझे बना लो अब तो मुझे शरण लो

दासी हु मेरे साईं

जीवन की डोर तुमसे बांधी है मेरे साई

ढूंडा गली गली भटका डगर डगर में

दिल हो गया दीवाना साईं तेरे मिलन में

पागल हु मैं अब तेरा दर्शन को मेरे साईं

जीवन की डोर तुमसे बांधी है मेरे साई

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।