लंका में डंका बजाने आया बजरंगआ सिया राम का नाम लबोपे

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

राम सियाराम सियाराम राम राम राम

राम सियाराम सियाराम सियाराम

राम सियाराम सियाराम राम राम राम

लंका में डंका बजने आया बजरंग

सियाराम का नाम लबो पे

सियाराम का नाम लबो पे

लंका में डंका बजने आया बजरंग

सियाराम का नाम लबो पे

सियाराम का नाम लबो पे

बूटी संजीवन तो क्या पर्वत को लए उठा

दिल में बेस रघुवीर सीना दिखाया है चिर

राम जी कटे वक़्त बड़ा ही पवन है

यहाँ ठहरेगा क्या जो दिल का रवां है

जब धरती पर पाप बढ़ जाता है

राम जी का भेजा दूत कोई आता है

तुमसे नहीं बलवन्ता

लंका में डंका बजने आया बजरंग

सियाराम का नाम लबो पे

सियाराम का नाम लबो पे

बजरंगी बैठे जहा पाओगे दौलत वह

मुक्ति मिलेगी कहा आना पड़ेगा यहाँ

कसम खाई मैंने उसे न चोदूंगा

जुल्म की हर सीमा आज मई तोड़ूंगा

जमी पे हो चाहे आसमा पर हो वो

खीच के लाऊंगा जहा पर भी हो वो

कैसे छुपेगे कैसे बचेगा

कैसे छुपेगे कैसे बचेगा

ढूंढे जिसे हनुमंता

लंका में डंका बजने आया बजरंग

सियाराम का नाम लबो पे

सियाराम का नाम लबो पे

लंका में डंका बजने आया बजरंग

सियाराम का नाम लबो पे

सियाराम का नाम लबो पे

राम सियाराम सियाराम सियाराम

राम सियाराम सियाराम राम राम राम

राम सियाराम सियाराम सियाराम

राम सियाराम सियाराम राम राम राम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।