इस दुनिया में बड़े बड़े अजूबे देखे है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

इस दुनिया में बड़े बड़े अजूबे देखे है

मगर खाटू वाले के जैसा दरबार नहीं देखा है………….

सुनोजी देखे ताज और कुतुब मीनार,

इनसे बढ़कर तोरण द्वार,

देखे ताज और कुतुब मीनार,

इनसे बढ़कर तोरण द्वार,

खाटू जैसा ना देखा हमने कोई स्थान,

देखें ताज और कुतुब मीनार……….

आए यहाँ पर जितने,

जीवन से हार कर,

जीवन सुधार दिया,

श्याम ने निहार कर,

ऐसा मिला ना लखदातार,

जो है लीले पर असवार,

ऐसा मंदिर ना दूजा,

जहाँ चढ़ते रोज निशान,

देखें ताज और कुतुब मीनार…………

यहाँ की तो माटी में भी इतना असर है,

माथे पे सजाता इसे यहाँ हर बसर है,

रहती भक्तो की भरमार,

सबको मिलता प्यार दुलार,

ऐसा दानी ना देखा घूमे हम हिन्दुस्तान,

देखें ताज और कुतुब मीनार…………

दूजा ना देखा कोई हारे का सहारा,

दिल को है धीरज देता कर के इशारा,

इसका दीवाना संसार,

इस पर जाऊं मैं बलिहार,

सारे जग में निराली,

है इसकी पहचान,

देखें ताज और कुतुब मीनार………….

जिसको भी देखो तेरे,

नाम का दीवाना,

मिलता है हर किसी को,

वहां पर ठिकाना,

कितने सुन्दर है सरकार,

अंजलि जाती है बलिहार,

इसके जैसी निराली,

ना जग में दूजी शान,

देखें ताज और कुतुब मीनार…………

देखे ताज और कुतुब मीनार,

इनसे बढ़कर तोरण द्वार,

खाटू जैसा ना देखा हमने कोई स्थान,

देखें ताज और कुतुब मीनार………

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।