बाबा के दर पे खड़ा चेहरे पे मुस्कान है

पारंपरिक
महादेव भजन बाबा बालक नाथ भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

बाबा के दर पे खड़ा चेहरे पे मुस्कान है,

पौनाहारी बाबा मेरा दुधा धारी बाबा देखो दुनिया भी हैंरान है

बाबा के दर पे जाते वही जो बाबा है खुद जिनको देखो बुलाये

डोलगिरी पर्वत पे बाबा का डेरा बाबा का दर्शन जा कर के पाए

ढोल बजाए गे झूम के गायेगे

चमत्कारी बाबा का धाम यही है

बाबा के दर पे खड़ा चेहरे पे मुस्कान है,

सतयुग में बाबा सच्चंद कहलाये

त्रेता में बाबा जी कोल कहलाये

द्वापर में बाबा महाकाल केहलाये

कलयुग में बालक नाथ कहलाये

शिव जी के अवतारी बाबा चमत्कारी माँ रतनो के ये प्यारे लाल है

बाबा के दर पे खड़ा चेहरे पे मुस्कान है,

बाबा दयालु बाबा किरपालु

भक्तो के कष्टों को पल में मिटाए

बिटिया प्रियंका गा कर के केहती

बाबा के चरणों में सिर को झुकाए

धुनी जलायेगे भोग लगाये गे

बाबा जी का कोई जवाब नही है

बाबा के दर पे खड़ा चेहरे पे मुस्कान है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।