कैसा रच दिया खेल मेरे भोले भंडारी ने

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

कैसा रच दिया खेल मेरे भोले भंडारी ने

कैसा रच दिया कैसा रच दिया

कैसा रच दिया खेल मेरे भोले भंडारी ने

निर्धन को धन वान बना दे

मुर्ख को विद्वान बना दे

किया काग हंस का मेल मेरे भोले भंडारी ने

कैसा रच दिया खेल मेरे भोले भंडारी ने

अगनी गगन जल पवन बनाये

पृथ्वी पे आकाश ठेहराए

उल्जा दी किसी सकेल मेरे भोले भंडारी ने

कैसा रच दिया खेल मेरे भोले भंडारी ने

जटा में गंगा बड़ी सुख कारी सिर पे लटा लपेटे सारी

श्रृष्टि का रच दिया खेल मेरे भोल भंडारी ने

कैसा रच दिया खेल मेरे भोले भंडारी ने

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।