म्हारो छोटो सो हनुमान जलाय आयो लंका

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

म्हारो छोटो सो हनुमान जलाय आयो लंका

जलाय आयो लंका बजाय आयो डंका

फल खाये बाग उजारी, असुरा ने दुख दियो भारी

मार् यो मेघनाथ बलवान,

जलाय आयो लंका बजाय आयो डंका

लंका में आग लगाई, सागर में पूंछ बुझाई

उनकी सहाय करी भगवान

जलाय आयो लंका बजाय आयो डंका

लंका वाले घबराये, घर में से बाहर आये

कैसो आयो है बलवान

जलाय आयो लंका बजाय आयो डंका

सीता जी के पास में आये, चरणों में शीश नवाये

सीता दिन्हयो जी वरदान

जलाय आयो लंका बजाय आयो डंका

श्री राम के पास में आये, सीता जी की खबर सुनाये

उनको राम नाम गुण भाय

जलाय आयो लंका बजाय आयो डंका

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।