मुझे रोज़ सातवे श्याम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मुझे रोज सतावे श्याम रात को सपने में

तोहे रोज सताऊगा रात को सपने में

रात में आके खिड़की खोले खिड़की खोले मेरी बहिया मरोड़े,

मुझे खूब रुलावे श्याम रात को सपने में

मुझे रोज सतावे श्याम रात को सपने में

चुप के चुप के घर मैं आऊ घर मैं आऊ मैं माखन चुराऊ

तेरी दहिया पी जाउगा रात को सपने में

मुझे रोज सतावे श्याम रात को सपने में

मैं हु गोरी तू है काला मैं हु रानी तू है ग्वाला

काला केह के मत न चिडावे राधा अब न बात बनावे

तू करती मोहे पसंद रात को सपने में

मुझे रोज सतावे श्याम रात को सपने में

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।