प्रभु प्यार से जिसका सम्बन्ध हे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

प्रभु प्यारे से जिसका सम्बन्ध है

उसे हर दम आनंद ही आनंद है

झूठी ममता से कर दे किनारा

लेके सचे पिता का सहारा

जो उसकी रजा में रजा मंद है

उसे हर दम आनंद ही आनंद है

जिसकी गथनी में कोयल सी चेह्क है

और करनी में फूलो से मेहक है

प्रेम नगरी ही जिसकी सुगंद है

उसे हर दम आनंद ही आनंद है

निंदा चुगली न जिसको सुहावे

बुरी संगत की रगंत न आवे

सत्संग ही जिसको पसंद है

उसे हर दम आनंद ही आनंद है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।