आये आये तेरे द्वारे काली

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

आये आये आये तेरे द्वारे काली

खाली झोली भरदे मेरी शेर वाली,

तेरे चरण पखारुं अम्बे अम्बे पुकारूँ

तू दुर्गा तू खप्पर वाली,

आये.......

यहाँ कौन मेरा मैया तेरे सिबा,

तेरे दर पे है हमने अरज डाली,

आये.........

मुझको शक्ति मिले मुझको मुक्ति मिले

मेरी भक्ति से मां भरदो थाली,

आये....

मेरी झोली भरो अब न देरी करो

तूने लखि की झोली है भर डाली,

आये .......

मेरा हो जो मरण पाँउ चरण

राजेन्द्र की विनती सुनो काली,

आये........

गीतकार/गायक--राजेन्द्र प्रसाद सोनी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।