ओ पालन हारे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ओ पालन हारे निर्गुण और न्यारे,

तुम्हरे बिन हमरा कोई नही,

हमरी ये उलझन सुलझाओ मोहन,

तुम्हरे बिन हमरा कोई नही,

हम गरीबों का तू है सहारा,

सच्चा साथी समझ के पुकारा,

जो जगसे हारा तूने ही तारा,

तुम्हे बिन हमरा कोई नही,

ओ पालन...

तुम्हरे जैसा कोई भी न साथी,

तू दीपक है हम सब है बाती,

हमरा ये जीवन तुझपे है अर्पण,

तुम्हरे बिन हमरा कोई नही,

ओ पालन हारे....

भग्त कहता है सुनले कन्हैया,

अब भवर में पड़ी मेरी नैया,

भव से करदो पार मानूँगा उपकार,

तुम्हरे बिन हमरा कोई नही,

ओ पालन हारे....

Hemkant jha प्यासा

9831228059

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।