नैन तेरे माँ नैना देवी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

नैन तेरे माँ नैना देवी

चरन तेरे चिंतापूर्णी

धड तेरा माँ दिल काँगडे

ज्योता जगदीया ज्वालामुखी

कुन कुन मैया तेरा भवन बन्नाया

कुनी चोर झुलायो माँ

धड तेरा माँ दिल काँगडे

पंज पंज पांडवा ने भवन बनाया

अर्जुन चोर झुलायो माँ

धड तेरा माँ दिल काँगडे

हथ में गडवा गंगा जल पानी

अश्नान करावन आयो माँ

धड तेरा माँ दिल काँगडे

हथ में गर्मी फुला न भरनी

हार पेहनावन आयो माँ

धड तेरा माँ दिल काँगडे

हाथ रे भी थाल जलेबी भोग लगावन आयो माँ

धड तेरा माँ दिल काँगडे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।