जिंदगी सवार दी तुमने हमारी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

धुन- हम तो तेरे आशिक़ हैं

जिंदगी सवार दी, तुमने हमारी ll,

"साँवरे बिहारी, जय हो तुम्हारी ll"-ll

तुमसे मिलने से पहले साँवरे, ना कोई मंज़िल थी,

बड़ी मुश्किल में थी, ज़िंदगी हमारी l

जैसे कोई नाव बिन मांझी, चली जाती थी,

डगमगाती थी, जिंदगी हमारी l

थाम पतवार बने, तुम श्याम मांझी ll,

"साँवरे बिहारी, जय हो तुम्हारी ll"

गम के अंधेरों ने श्याम मुझको, बहुत डराया था,

बहुत सताया था, याद है मुझको l

बेसुरे थे गीत ज़िंदगी के, अज़ब तराना था,

फिर भी गाना था, याद है मुझको l

मिल गया संगीत मुझे, मिली धुन प्यारी ll,

"साँवरे बिहारी, जय हो तुम्हारी ll"

देखा एक ख्वाब श्याम मैंने, गीत गाऊँ मैं,

तुझको रिझाऊँ मैं, हो रहा जो पूरा l

क्यों ना करे नाज़ आज तुम पर, कौन तुझ सा है,

दिल यह कहता ,है कोई नहीं दूजा l

सुन ले ना गीत मेरे, बाँके बिहारी ll,

"साँवरे बिहारी, जय हो तुम्हारी ll"

किस्मत से मेल हुआ अपना, दिल के फूल खिले,

विछड़े मीत मिले, साँवरे बिहारी l

हे दयालु दिल की है तमन्ना, साथ छूटे ना

किस्मत रूठे ना, साँवरे बिहारी l

नंदू निभाना यूँ ही, रिश्ता मुरारी ll,

"साँवरे बिहारी, जय हो तुम्हारी ll"

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।