मेरी मैया के नवरात्रे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

लो आ गए आ गए आ गए,

मेरी मैया नवरात्रे,

अब नौ दिन के करेंगे,

माता तेरे जगराते,

लो आ गए आ गए आ गए,

मेरी मैया नवरात्रे

बड़ा ही प्यारा लगेगा,

के जब दरबार सजेगा,

ओ मैया शेरो वाली,

का श्रृंगार जो होगा,

लाल चुनरिया ओढ़ के मैया,

दर्शन देंगे सबको

लो आ गए आ गए आ गए,

मेरी मैया नवरात्रे

नौ दिन मैया के प्यारे,

नौ रूप हैं बड़े निराले,

तेरे हरेक रूप का दर्शन चाहे,

तेरे ये दीवाने,

तू ही है दुर्गा काली,

तू ही है वैष्णो रानी,

तू ही लाटा वाली,

तू ही है शारदा रानी,

तू जगदम्बा तू ही भवानी,

तू ही ज्योता वाली,

लो आ गए आ गए आ गए,

मेरी मैया नवरात्रे

ममता मई माँ, ममता दिखा दे,

करुणा का रस तू बरसा दे,

ममता भरे इस दिल में माता,

हम चाहें छोटा सा कोना,

तेरे आँचल की छाया,

में हम सब रहना चाहें,

ना करना तू दूर खुद से,

तेरे बिन रह ना पाएं।

महरा वाली मेहराँ कर दे,

झोली सबकी भर दे,

लो आ गए आ गए आ गए,

मेरी मैया नवरात्रे

लो आ गए आ गए आ गए,

मेरी मैया नवरात्रे,

अब नौ दिन के करेंगे,

माता तेरे जगराते,

लो आ गए आ गए आ गए,

मेरी मैया नवरात्रे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।