आके भाग जगा दो मेरे संवारे कर दो दूर अँधेरे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आओ श्याम धनि घर मेरे करने दर्शन तेरे

आके भाग जगा दो मेरे संवारे कर दो दूर अँधेरे

आओ श्याम धनि घर मेरे करने दर्शन तेरे

चुन चुन कलियाँ फुल मंगाऊ मिशरी भोग लगाऊ

सेवा करू मैं शाम सवेरे मन ईशा फल पाऊ

तू है मेरा श्याम संवारा भर दे पल्ले मेरे

आके भाग जगा दो मेरे संवारे कर दो दूर अँधेरे

हारे का तू बने सहारा फिर हारे हम कैसे

खाटू नगरी में तू बैठा और जाए कही कैसे

कब से तेरी राह निहारु हो जाए दर्शन तेरे

आके भाग जगा दो मेरे संवारे कर दो दूर अँधेरे

तू सचा दर सचा तेरा फिर मैं क्यों गबराउ

चेहल दीवाना बन के तेरा तेरे ही गुण गाऊ

जिन्दगी के दिन चार सँवारे बीते संग में तेरे

आके भाग जगा दो मेरे संवारे कर दो दूर अँधेरे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।