जबलपुर में काली विराजी हैं

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तेरे दीदार को मैया , तरसे मोरी अंखियां

दे दर्शन इस लाल को , जो आऊं तोरि दुअरिया

अरे भगतन खो दर्शन देबे ले लाने,

गढ़ा फाटक में देवी दिखानी है

जबलपुर में काली विराजी हैं

अरे रोगी खों काया,

निर्धन खो माया देती मात भवानी है

जबलपुर में काली विराजी है

अरे दानव दलन करे,

दुष्टों खों मारे, ऐसी मां कल्याणी है

जबलपुर में काली विराजी हैं

अरे तू ही शारदा तू ही भवानी, तू जग की रखवाली है

जबलपुर में काली विराजी है

अरे हाथ जोर सब अर्जी लगावें,

द्वारे पे सब नर नारी हैं

जबलपुर में काली विराजी हैं

गायक /लिरिक्स - उदय लकी सोनी

9131843199

8878181636

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।