प्यारा सजा है तेरा द्वार मैया जी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जय माँ जय माँ तेरी जय जय माँ,

प्यारा सजा है तेरा द्वार मैया जी,

प्यारा सजा है तेरा द्वार मैयाजी,

बड़ा प्यारा प्यारा लागे,

बड़ा प्यारा प्यारा लागे,

प्यारा प्यारा लागे मैया न्यारा न्यारा लागे………….

प्यारा सजा है तेरा द्वार मैया जी,

बड़ा प्यारा प्यारा लागे,

बड़ा प्यारा प्यारा लागे…………

फूलो से सजा है द्वारा,

फूलो विच माँ है,

खुशबू से फूलो की माँ रोशन शमा है,

मन को भाये दरबार मैयाजी,

बड़ा न्यारा न्यारा लागे……….

प्यारा सजा है तेरा द्वार मैया जी,

बड़ा प्यारा प्यारा लागे,

बड़ा प्यारा प्यारा लागे………..

जय माँ जय माँ तेरी जय जय माँ,

जय माँ जय माँ तेरी जय जय माँ………

मैया तेरे पास लगी भक्तो की टोलिया,

तेरे भवन गूंजे जय माता की बोलियां,

सबसे है बड़ी सरकार मैयाजी,

बड़ी न्यारी न्यारी लागे………..

प्यारा सजा है तेरा द्वार मैया जी,

बड़ा प्यारा प्यारा लागे,

बड़ा प्यारा प्यारा लागे……….

जय माँ जय माँ तेरी जय जय माँ,

जय माँ जय माँ तेरी जय जय माँ………

बैठी दरबार में तू खुशियों की बहार है,

ख़ुशी की बहार है ख़ुशी की बहार है,

खुशियों की भक्तो पे बरसे फुहार है,

तेरे जैसा कोई ना दातार मैया जी,

बड़ा न्यारा न्यारा लागे……….

प्यारा सजा है तेरा द्वार मैया जी,

बड़ा प्यारा प्यारा लागे,

बड़ा प्यारा प्यारा लागे……….

स्वर्ग से प्यारे माँ नज़ारे है भवन के,

कुर्मी अमन गाये मैया के भजन,

केशव करे गुणगान मैया जी,

बड़ा न्यारा न्यारा लागे……….

प्यारा सजा है तेरा द्वार मैया जी,

बड़ा प्यारा प्यारा लागे,

बड़ा प्यारा प्यारा लागे…

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।