बाजा बाजे रेे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

रल्का महा माया का लागे रे,

इंदरगढ़ का डूंगरा में बाजा बाजे रे,

बाजा बाजे रेे बाजा बाजे रे............

राग बजे शहनाई की तो नाचे दादुर मोर,

अजी सागे इंदर राजा गाजे रे,

इंदरगढ़ का डूंगरा में बाजा बाजे रे....

नई नवेली सुंदर लागे वा पर्वत की चोटी,

अजी सागे झर झर झरना गाजे रे,

इंदरगढ़ का डूंगरा में बाजा बाजे रे...

गाता ओर बजाता आवे नर नारायण का झुंड,

अजी लुगाया झूम झूम नाचे रे,

इंदरगढ़ का डूंगरा में बाजा बाजे रे...

महामाया के मंदिर माई गना यात्री आवे,

अजी जय जयकार जोर सू गूंजे रे,

इंदरगढ़ का डूंगरा में बाजा बाजे रे...

रल्का महा माया का लागे रे,

इंदरगढ़ का डूंगरा में बाजा बाजे रे,

बाजा बाजे रेे बाजा बाजे रे.,

Singer- Mahesh Ji Sastri & Ganesh Kumar Purohit

Upload- Ganesh Kumar पुरोहित

Contact- 9461023963

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।