साई साई बोल रे बंदे

पारंपरिक
अन्य भजन साईं भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

साईं नाम का सुमिरन करले साईं नाम अनमोल

जीवन सफल हो जाएगा बंदे साईं साईं बोल

साईं साईं बोल रे बंदे बोल

साईं की माला जपने वाला होता नही मजबूर

साईं की भगती कर देती है हर आफत से चूर

साईं साईं बोल रे बंदे बोल

अपने कानो में साईं की चाहत के रस घोल

साईं का बन जा भक्त तू दिल से मन की आँखे खोल

साईं साईं बोल रे बंदे बोल

साईं ऐसा अंतर यामी जाने दिल की बात,

साईं मेरा दे देता है हर मुश्किल को मात

साईं साईं बोल रे बंदे बोल

बन के मुरारी आ जाता है सुनता है अरदास

सब की रक्शा करने वाला बाबा है सब के पास

साईं साईं बोल रे बंदे बोल

सारे जगत में बाबा मेरा ऐसा साईं राम

मुश्किल में जो उसको पुकारे आये उसके काम

साईं साईं बोल रे बंदे बोल

दर दर काहे भटक रहा है आजा साईं द्वार

तुझपे करेगे किरपा साईं होगा बेडा पार

साईं साईं बोल रे बंदे बोल

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।