सोच विचार में रावण जागे

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

सोच विचार में रावण जागे, कौन बचा अब मेरे आगे,

कल तक जो युद्ध में लंका, कौन बजाए विजय की डंका

राम भी लक्ष्मण के संग जागे, कहे युद्ध ना हो अब आगे

मिटे दशानन पाप तुम्हारा, कल हो जाए निरने सारा

आज की रैना तील-तील बीते, राम दरस की व्याकुल सीते

अंसुवन से डुबे हैं नैना, धीरज की है अंतिम रैना

सिया के राम जी अब आ जाओ, लाओ जीवन में उजियाला

अंतिम रैन का ये अँधियारा, जागे राम लंकेश कुमारा

सोच विचार में रावण जागे, कौन बचा अब मेरे आगे....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।