वां घर जाइयो ऐ नींद्रा

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

वां घर जाइयो ऐ नींद्रा ,जा घर राम नाम ना भावे,

राम नाम ना भावे जा घर, हरी नाम ना भावे,

वां घर जाइयो ऐ नींद्रा ,जा घर राम नाम ना भावे

बैठ सभा में मिथ्या बोले, निंदरा करे पराई,

वो घर हमने तुम्हे बताया, जावो बिना बुलाई,

वां घर जाइयो ऐ नींद्रा ,जा घर राम नाम ना भावे

कै तो जावो राज द्वारे, के रसिया रस भोगी,

म्हारो पीछो छोड़ बावली, मेह हाँ रमता योगी,

वां घर जाइयो ऐ नींद्रा, जा घर राम नाम ना भावे

कै तो जावो रंग महल में, भामिनि चवर गुरावे,

हमरे संग क्या लेगी बावरी, पथर पर दुःख पावे,

वां घर जाइयो ऐ नींद्रा ,जा घर राम नाम ना भावे

कहे भरथरी सुन ऐ नींद्रा, यहाँ ना तेरा वासा,

मेंह तो म्हारे गुरा भरोसे, राम मिलान की आसा,

वां घर जाइयो ऐ नींद्रा ,जा घर राम नाम ना भावे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।