दिल से बंधी एक डोर जो खाटू जाती है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दिल से बंधी एक डोर जो खाटू जाती है,

हाँ जाती है बाबा से हमको तो ये मिलाती है,

दिल में ये प्यार ग़ुलाल जो खिल खिल जाते हैं,

हाँ खिल जाते हैं हमको तो ये खाटू ले आते हैं।

खाटू तो अपना इक प्यार सा बाबा है,

रौशन होगा खाटू अपना वहां पे तो श्याम बाबा है,

सच होने वाला है हर एक सपना मिलने वाला है,

अब हमको अपना दिल की ये बगिया महक जाती है

बिन बोले ही सब कुछ हमको बाबा हमारे दे देते,

सब अपने ही बन जाते हैं जब ये कृपा कर देते,

रिश्ता जो इनको भाता है खाटू से बाबा आता है,

इनकी ये कृपा हमें मिल जाती है

रंग गुलाल और ये होली बाबा संग लगे प्यारी,

झीलमिल हो गई हैं ये अखियां बाबा तेरी दीवानी,

तुमसे मिलने आए हैं हम दर्शन देना कहते हैं हम,

तेरी ये कृपा बरस जाती है

दिल से बंधी एक डोर जो खाटू जाती है

हाँ जाती है बाबा से हमको तो ये मिलाती है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।