मेरी पहचान

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

पूछे जो ज़माना क्या ठिकाना क्या है नाम

मेरी पहचान मेरा खाटू वाला श्याम

ग़म आये ग़म जाए हम बिलकुल ना घबराएं

रखवाला खाटू वाला मेरी नैया पार लगाए

कहते हैं हम तो सबसे यही सीना तान

मेरी पहचान मेरा खाटू वाला श्याम

नैनो की ज्योति वो होंठों की हैं हंसी वो

मेरे दिल की इस बस्ती में मस्ती वाली हस्ती वो

इतना ही भरते हम तो सपनो की उड़ान

मेरी पहचान मेरा खाटू वाला श्याम

दिल की है धड़कन वो तन मन धन कण कण वो

मेरे कर्मो का दर्पण है वो गोलू का है जीवन वो

रसना रटे ये ये बस श्याम का ही नाम

मेरी पहचान मेरा खाटू वाला श्याम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।