कहाँ के पथिक कहाँ कीन्ह है गवनवा

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

कहाँ के पथिक कहाँ कीन्ह है गवनवा

कौन ग्राम के धाम के वासी,

के कारण तुम त्यजो है भवनवा

कहाँ के पथिक कहाँ कीन्ह है गवनवा

उत्तर देश एक नगर अयोध्या,

राजा दशरथ नृप वहाँ है भुवनवा

उन ही के हम दोनों कुंवरवा,

मात वचन सुनि तज्यो है भवनवा

कहाँ के पथिक, कहाँ कीन्ह है गवनवा

राम वधु पूछें सिया से कौन से प्रीतम, कौन देवरवा

सिया मुसकाई बोलत मृदु वानी, सांवरो प्रीतम गोरे देवरवा

कहाँ के पथिक कहाँ कीन्ह है गवनवा

तुलसी दास प्रभु आस चरण की,

मेरो मन हर लीन्हो जानकी रमणवा

कहाँ के पथिक कहाँ कीन्ह है गवनवा

ADD by :- pt. Shaan dubey (शान दुबे)

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Chand /छिंदवाड़ा

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।