प्यार मंगिया सी

अलका गोएल
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

प्यार मंगिया सी तेरे कोलो रोके केडी मैं खुदाई मांग लायी ,

खुदाई मांग लायी ,खुदाई मांग लायी,

प्यार मंगिया सी तेरे कोल रोके,

जदों दा तू छडिया है मेरे नाल बोलना

छड दिता कावा ने वनेरे उते बोलना,

काहनू बह गया सारे बूहे टोके,

केहरी मै खुदाई मंग ली........

तेरे बिना सोहनिया हुन लगदा ना जी है

जिथे जाके बह गया ओथे तेरा की है,

कहणु बह गया कुब्जा दा होक,

केहरी मै खुदाई मंग ली.........

अच्छा हुन सोहनिया तेरी मेरी बस वे

जिथे तेरा दिल करे उथे जाके बस वे,

तेरी यादा नु रखु गी लाकोके,

केहरी मै खुदाई मंग ली.....

सारी सारी रात मेनू नींद ना आवे,

एक तेरी जुदाई दूजी याद सतावे,

हार शारदा दा रखा गी पारो के,

केहरी मै खुदाई मंग ली

लोकी ते लोन मेनू लख लख लिका,

मेनू ते रहन श्यामा तेरिया उडिका,

कहंदे सारिया नु हुन मेरे होके,

केहरी मै खुदाई मंग ली

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।