अबके फागुन में रंग मेहँदी पुर दरबार

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

अबके फागुन में रंग मेहँदी पुर दरबार

होली खेले गी संग बाला जी सरकार

अबके फागुन में रंग मेहँदी पुर दरबार

सिन्धुरी रंग रंग के बाबा हो कर के मस्ताना

छम छम नाचे भांध के घुंगरू ऐसा राम दीवाना

भर भर मुठी बांटे गा वो देगा छपड़ फाड़

अबके फागुन में रंग मेहँदी पुर दरबार

कोई दुखिया हो किसी भी दुःख में दुखड़े सारे मिटे गे

संकट हो छोटा मोटा सब के सारे कष्ट कटे गे

सोटा उठा के बाला जी भूता पे कर दे बार

अबके फागुन में रंग मेहँदी पुर दरबार

जिस रंग में झूमे अंजनी लाल उस रंग में सब ने रंग दे

करिश्मा मीनू अर्जी लावे सारी पूरी करदे

लाडली दोनों बाला जी की खूब बरसे गा प्यार

अबके फागुन में रंग मेहँदी पुर दरबार

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।