चाटी को मदानी ले गया

अलका गोएल
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो मदानी ले गया,

लै गया नन्द किशोर लै गया,

नन्दबाबा तो पेन गिया झिरका,चाटी चो मदानी ले गया,

आधी आधी राती मेरा कुंडा खडकवे,

माखन देदे मेनू शोर माचवे,

जदों मै माखन नही दिता मेरा पुट के परांदा ले गया,

चाटी को मदानी ले गया........

गई सी राधा कोल मै श्याम नु मनाले,

श्याम तेरा प्यारा प्यारा एह्नु समजा ले,

राधा रानी गुस्सा होगी, बिना गल तो ही रोला पे गया,

चाटी को मदानी ले गया.........

गई सी यशोदा कोल श्याम नु मनान,

तुही सिर चाडिया तू ही समजा ले,

ओ वाली सी तीना लोका दा जाके माँ दी गोदी च बह गया ,

चाटी को मदानी ले गया.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।