जय शिव शंकर जय भोले नाथ

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

जय शिव शंकर जय भोले नाथ,

अज शिव रात है जी आई शिव रात

ॐ नमः शिवाय ॐ नमो शिवाये

बैल दी सवारी कर भोले नाथ औन गे

माता पार्वती जी नु नाल लै औनगे,

करलो दीदार होजू दुखा दा विनाश

अज शिव रात है जी आई शिव रात

वेखना है अज असी रूप मत वाला

जटा विच गंगा गल स्पा दी माला

चरना विच खड़े आज बन के जी दास

अज शिव रात है जी आई शिव रात

भंग दे प्यालेया दा शिव नु भोग ल्गाउना

पंडिता वाले प्रीत ने भी दर ते भंगड़ा पौना,

गुण गान करता तेरा ही केलाश

अज शिव रात है जी आई शिव रात

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।