सब साथी है प्यारे मतलब के

पारंपरिक
अन्य भजन विविध भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

सब साथी है प्यारे मतलब के

दुनिया में हमारा कोई नही

भाग बगीचा मेहल बनाया रेहने वाला कोई नही,

रेहने वाला मर ही गया तो रोने वाला कोई नही

सब साथी है प्यारे मतलब के

पास हमारे पैसा था तो दोस्त हमारे न को थे

जब पास हमारे पैसा नही तो दोस्त हमारा कोई नही

सब साथी है प्यारे मतलब के

दास वो प्रीतम केहता है सुन हुश्यारी तू खोना नही

संगत करना सब की मगर

धोखे में किसी के आना नही

सब साथी है प्यारे मतलब के

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।