गौरी के लाल पहला

अलका गोएल
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

गौरी के लाल पहला थाने मनावा जी,

मनवा चरणों में डोक लगवा गोरी के लाल ,

जोती जलवा थारी धुप दिखावा,

रोली तिलक लगवा जी गोरी के नाथ,

गौरी के लाल पहला थाने मनावा जी,

फूल वी लगावा थारे झुला सजावा,

रेशम की धोरी से झुलावा जी गोरी के लाल,

गौरी के लाल पहला थाने मनावा जी.....

विगन निवारो देवा कारज सवारों,

जनिरो छतर चडवा जी गोरी के लाल

गौरी के लाल पहला थाने मनावा जी......

अन्दन नु आख देवो कुदान ने काया

में तो दया द्रिष्टि चावा जावा जी,

गौरी के लाल पहला थाने मनावा जी....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।