चलेंगे सांवरे से मिलने

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दिल ने ये कहा है दिल से चलेंगे साँवरे से मिलने,

किया है याद बाबा ने जाना है हमें खाटू,

मिलेंगे श्याम से चलके नहीं है दिल पे काबू,

फ़ुर्सत भी है मौका भी खाटू कल ही जाऊँगा,

जय जय श्री श्याम……….

दिल के अंदर है लगता, पल पल है,

मुझको एहसास है साथ रहता है,

ऐसा लगता है वो मेरे साथ है,

जय जय श्री श्याम,

इधर या मैं उधर मैं देखु,

साँवरा है जिधर देखूं,

चाहे मैं जहाँ जाऊं,

बाबा को वहां पाऊं,

फ़ुर्सत भी है मौका भी,

खाटू कल ही जाऊँगा,

जय जय श्री श्याम……….

मेरी आँखों में मेरी यादों में,

है बसा साँवरा उसके दर्शन को,

मेरा तन मन ये हो गया बाँवरा,

जय जय श्री श्याम……..

बाबा से लगन ऐसी लगी है अब ना टूटेगी,

बँधी जो डोर बाबा से नहीं वो डोर टूटेगी,

चाहे मैं जहाँ जाऊं बाबा को वहां पाऊं,

फ़ुर्सत भी है मौका भी खाटू कल ही जाऊँगा,

जय जय श्री श्याम……….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।