मैनु मान है तेरी किरपा दा

अलका गोएल
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मैनु मान है तेरी किरपा दा मेरा मान नी मानी ना तोड़ी ना,

मेरा मान नी मानी ना तोड़ी ना,

मै ता आन दिगी दर तेरे ते मेनू सतगुरु खाली मोड़ी ना,

तेरे दर अलख जगाया नही तेरी चरणी शीश झुकाया मै,

साड़ी वंदना है लख करोड़ी माँ मेनू सतगुरु खाली मोड़ी ना,

मैनु मान है तेरी किरपा दा.........

तेरी धुली मस्तक लावा मे तेरा लख लख शुकर मनवा में,

बड़े भाग जो दर्शन पाया में हर चीज किसे तो लोढ़ी ना,

मैनु मान है तेरी किरपा दा......

तेरे शोभा अजब निराली है कोई वी ना जांदा खाली है,

आवे रोंदा ते जांदा हसदा है चरना तो आप विछोड़ी ना,

मैनु मान है तेरी किरपा दा......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।