छोड़ो मेरा दुपट्टा कान्हाँ अब घर जाना है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

छोड़ो मेरा दुपट्टा कान्हाँ अब घर जाना है,

जाने क्या क्या कहेगा बैरी बुरा ज़माना है,

नरखाने वाली शरमा कर मुंह मोड़ा ना करते,

हम गोकुल वाले हाथ पकड़ कर छोड़ा ना करते

बाकी बातें फिर कर लेना आज मुझे तुम जाने दो,

बतिया तेरी मीठी राधे अपना दिल बहलाने दो,

यूँ तो मैं भी जानू मोहन मेरा दीवाना है,

जाने क्या क्या कहेगा बैरी बुरा ज़माना है

सूर्य भी है छिपने वाला गड़बड़ी हो जायेगी,

अपने घर ले जाऊँगा मेरी मैया भी हरसायेगी,

मैया से क्या बोलूंगी ना कोई बहाना है,

जाने क्या क्या कहेगा बैरी बुरा ज़माना है

ऐसे तुम मजबूर करो ना मोहन तुम राधा रानी को,

साँसों से भी ज्यादा चाहूँ अपनी राधा रानी को,

मन का कमल खिलाने प्यारे कल फिर आना है,

जाने क्या क्या कहेगा बैरी बुरा ज़माना है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।