आंबे आंबे बोले मैया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन दुर्गा भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आंबे आंबे बोले मैया दिल मेरा मन में वसा है इक नाम तेरा

मेरी अबे मैया की बात निराली

पल में झोलियाँ भरती खाली

दूर मेरे दिल का करो अँधेरा

मन में वसा है इक नाम तेरा

चढ़ के चडाई मैया दर तेरे आऊ

ध्वजा नारियल चुनरी चडाऊ

तेरे चरणों में मैया ढालू डेरा

मन में वसा है एक नाम तेरा

आशा लेके हम दर तेरे है आये

श्याम सवेरे तेरी ज्योत जलाए

घर अपने भक्तो का लगाओ फेरा

मन में वसा है इक नाम तेरा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।