रात श्याम मेरे सपने में आया

अलका गोएल
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

रात श्याम मेरे सपने में आया कैसे केहदु की आया नहीं है,

उसने मुजको गल्ले से लगाया कैसे कह दू लगाया नहीं है,

सिर पर उसके था मोर मुकट प्यारा,

हार था मोतियों का गल्ले में,

काली अखियो में कजरा लगाया,

कैसे कह्दु लगाया नही है,

रात श्याम मेरे......

हाथ में उनके थी बांसुरी वो मोहनी जिसके स्वर में छुपी है,

जिसने सारे जगत को नचाया कैसे कह्दु के नचाया नही है,

रात श्याम मेरे..................

पास में मेरे आ कर के बेठा मुस्कारते हुए मनमोहन जब,

अपने हाथो से माखन खिलाया कैसे कह दू खिलाया नही है,

रात श्याम मेरे....................

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।