खोल दे पट मंदिर को

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ओ बाबा म्हारा खोल दे पट मंदिर को आज याद थारी ले आई

तेरे मंदिर के आगन में भीड़ पड़ी से भारी

दूर दूर से आये है मिलने लाखो नर नारी,

श्री श्याम जय कार लगाई मने याद थारी ले आई

ओ बाबा म्हारा खोल दे पट मंदिर को आज याद थारी ले आई

हारे के सहारे मने साथ थारा चाहिए

भटक रहे हम श्याम बाबा सिर पे हाथ चाहिए

करलो श्याम अब सुनवाई माहने याद थारी ले आई

ओ बाबा म्हारा खोल दे पट मंदिर को आज याद थारी ले आई

दूर करो अब चिंता हमारी बाबा श्याम दातारी

एक नजर करो राजू पर खाटू श्याम बिहारी,

चरणों में धोक लगाई म्हाने याद थारी ले आई

ओ बाबा म्हारा खोल दे पट मंदिर को आज याद थारी ले आई

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।