जीवन में बड़ा सुख पाता है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन बाबा बालक नाथ भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जो बाबा के गुण गाता है जीवन में बड़ा सुख पाता है,

कपड़े में धाग लग जाता है वो साबुन से धुल जाता है

जब कुल में धाग लग जाता है उसे कोई छुड़ा नही पाता है

जो बाबा के गुण गाता है.......

जो सिर से साडी फिसल गई

नारी उसे तुरंत समबाल रही

जो नारी धर्म से फिसल गई उसे कोई बचा नही पाता है

जो बाबा के गुण गाता है

बेटा जो माँ से रूठ गया माता उसे तुरन मनाती है

जो माँ बेटे से रूठ गई उसे कोई मना नही पाता है

जो बाबा के गुण गाता है

सच बोलना याहा पर धर्म मेरा

नेकी पर चलना धर्म मेरा

जो नेक राह अपनाता है वो परम पिता को पाता है

जो बाबा के गुण गाता है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।