मेरे मनमोहन दिलदार

अलका गोएल
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे मनमोहन दिलदार छबीले बांके कान्हा यार

दीवाना बना दिया प्यारे दीवाना बना दिया,

मधुर मधुर बाजे तेरी मुरलिया,

गायल कर गी तिरशी नजरिया,

मेरा ले गयो चित निकाल,

सांवरिया तुजसे हो गया प्यार,

दीवाना बना दिया .....

कुंज गली में शम शम ढोले,

मीठा मधुर तोतला बोले,

तेरी पायल की झंकार सांवरिया कर गई दिल में गाव

दीवाना बना दिया .....

एसी बनी माधुरी मूरत,

मन में बस गी संवारी सूरत,

मोहे ले गयो भव से पार,

मन में बस गये कृष्ण मुरा,

दीवाना बना दिया ......

कैसे तेरे में वारी वारी जाऊ,

मन बसिया के में दर्शन पाउ,

तोहे निरखु में बारम बार तुम हो रुक्मण के ब्र्तार,

दीवाना बना दिया .....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।